ବୋର୍ଡ ଅଫ୍ ସେକେଣ୍ଡାରୀ ଏଜୁକେସନ୍ (BSE Odisha) — ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ଅଧ୍ୟାୟ ମାଷ୍ଟର ନୋଟ୍ସ
ଶ୍ରେଣୀ: Class 9 | ବିଷୟ: Hindi Grammer
ଅଧ୍ୟାୟ: Class9 HindiGram Ch09 Ch09 Sarvanam
୧. ଅଧ୍ୟାୟର ସାରାଂଶ ଓ ମାଇଣ୍ଡ ମ୍ୟାପ୍ (Mind Map & Conceptual Architecture)
अध्याय का सारांश:
यह अध्याय 'सर्वनाम' विषय पर केंद्रित है, जो हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण अंग है। सर्वनाम वे शब्द होते हैं जो संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होते हैं, जिससे भाषा में पुनरावृत्ति से बचा जा सके और वाक्य अधिक सुंदर व संक्षिप्त बनें। इस अध्याय में सर्वनाम की परिभाषा, वाक्य में उसके विभिन्न प्रयोग (कर्ता, कर्म, पूरक के रूप में), तथा लिंग, वचन और परसर्ग के कारण सर्वनाम में होने वाले परिवर्तनों को समझाया गया है। विशेष रूप से, 'आप' और 'कुछ' जैसे सर्वनामों में परिवर्तन न होने का उल्लेख है। अध्याय में सर्वनाम के छह मुख्य भेदों (पुरुषवाचक, निश्चयवाचक, अनिश्चयवाचक, संबंधवाचक, प्रश्नवाचक और निजवाचक) का विस्तृत वर्णन किया गया है, जिसमें प्रत्येक भेद की परिभाषा और उदाहरण शामिल हैं। अंत में, विभिन्न सर्वनामों की कारक और वचन के अनुसार रूपावली (declension) दी गई है, जो उनके सही प्रयोग को समझने में सहायक है।
मुख्य उद्देश्य:
संकल्पनात्मक माइंड मैप (Conceptual Mind Map):
```
सर्वनाम
├── परिभाषा: संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्द
├── प्रयोग: कर्ता, कर्म, पूरक के रूप में
├── परिवर्तन:
│ ├── लिंग: कोई परिवर्तन नहीं (जैसे: वह जाता है, वह जाती है)
│ ├── वचन: परिवर्तन होता है (जैसे: वह पढ़ता है, वे पढ़ते हैं)
│ ├── परसर्ग: परिवर्तन होता है (जैसे: उसने खाया, मुझसे कुछ न पूछो)
│ └── अपवाद: 'आप' और 'कुछ' में परिवर्तन नहीं होता
└── भेद (छह प्रकार):
├── १. पुरुषवाचक सर्वनाम
│ ├── उत्तम पुरुष (मैं, हम)
│ ├── मध्यम पुरुष (तू, तुम, आप)
│ └── अन्य पुरुष (वह, यह, वे, ये)
├── २. निश्चयवाचक सर्वनाम (यह, वह, ये, वे)
├── ३. अनिश्चयवाचक सर्वनाम (कोई, कुछ)
├── ४. संबंधवाचक सर्वनाम (जो, सो)
├── ५. प्रश्नवाचक सर्वनाम (कौन, क्या)
└── ६. निजवाचक सर्वनाम (आप, स्वयं, खुद)
```
୨. ମୁଖ୍ୟ ବିଷୟବସ୍ତୁ, ସିଦ୍ଧାନ୍ତ ଓ ଗାଣିତିକ ସୂତ୍ରାବଳୀ (Comprehensive Theory & Formulas)
सर्वनाम
सर्वनाम का अर्थ है - सभी संज्ञाओं के लिए प्रयुक्त होनेवाला नाम।
जैसे: मोहन जाता है। वह एक अच्छा लड़का है। (यहाँ 'वह' शब्द 'मोहन' संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त हुआ है।)
सर्वनाम का वाक्य में प्रयोग:
सर्वनाम वाक्य में कर्त्ता, कर्म और पूरक के स्थान पर आ सकते हैं; जैसे-
सर्वनाम पर लिंग, वचन और परसर्ग का प्रभाव:
(यहाँ 'वह' सर्वनाम पुल्लिंग और स्त्रीलिंग दोनों के लिए समान रहा।)
(यहाँ 'वह' का बहुवचन 'वे' हो गया।)
(यहाँ 'वह' से 'उसने', 'वे' से 'उन्हें' और 'मैं' से 'मुझसे' परसर्ग के कारण परिवर्तन हुआ है।)
(ये सर्वनाम कारक या वचन के अनुसार अपने मूल रूप में परिवर्तित नहीं होते।)
सर्वनाम के भेद:
सर्वनाम छह प्रकार के होते हैं -
१. पुरुषवाचक सर्वनाम:
किसी पुरुष या स्त्री के नाम के बदले आनेवाले शब्द को पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं। इनके तीन प्रकार हैं -
२. निश्चयवाचक सर्वनाम:
पास के अथवा दूर के व्यक्ति या वस्तु का निश्चित बोध करानेवाले शब्द को निश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं।
३. अनिश्चयवाचक सर्वनाम:
किसी व्यक्ति, प्राणी या वस्तु का निश्चित बोध न करानेवाले शब्द को अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं।
४. संबंधवाचक सर्वनाम:
किसी दूसरी संज्ञा या सर्वनाम से संबंध दिखाने के लिए आनेवाले शब्द को संबंधवाचक सर्वनाम कहते हैं।
५. प्रश्नवाचक सर्वनाम:
प्रश्न पूछने के लिए प्रयुक्त शब्द को प्रश्नवाचक सर्वनाम कहते हैं।
६. निजवाचक सर्वनाम:
जो शब्द कर्त्ता के विषय में कुछ बताता है या कर्त्ता के अपनेपन का बोध कराता है, उसे निजवाचक सर्वनाम कहते हैं।
सर्वनामों की रूपावली (Declension of Pronouns):
पुरुषवाचक उत्तम पुरुष 'मैं'
| कारक | एकवचन | बहुवचन |
|---|---|---|
| कर्त्ता | मैं, मैंने | हम, हमने |
| कर्म | मुझे, मुझको | हमें, हमको |
| करण | मुझसे, मेरे द्वारा | हमसे, हमारे द्वारा |
| सम्प्रदान | मुझे, मुझको, मेरे लिए | हमें, हमको, हमारे लिए |
| अपादान | मुझसे | हमसे |
| सम्बन्ध | मेरा, मेरे, मेरी | हमारा, हमारे, हमारी |
| अधिकरण | मुझमें, मुझ पर | हममें, हम पर |
पुरुषवाचक मध्यम पुरुष 'तू'
| कारक | एकवचन | बहुवचन |
|---|---|---|
| कर्त्ता | तू, तूने | तुम, तुमने |
| कर्म | तुझे, तुझको | तुम्हें, तुमको |
| करण | तुझसे, तेरे द्वारा | तुमसे, तुम्हारे द्वारा |
| सम्प्रदान | तुझे, तुझको, तेरे लिए | तुम्हें, तुमको, तुम्हारे लिए |
| अपादान | तुझसे | तुमसे |
| सम्बन्ध | तेरा, तेरे, तेरी | तुम्हारा, तुम्हारे, तुम्हारी |
| अधिकरण | तुझमें, तुझ पर | तुममें, तुम पर |
नोट: 'तुम' का प्रयोग एकवचन में भी होता है।
अन्यपुरुषवाचक तथा निश्चयवाचक 'यह'
| कारक | एकवचन | बहुवचन |
|---|---|---|
| कर्त्ता | यह, इसने | ये, इन्होंने |
| कर्म | इसे, इसको | इन्हें, इनको |
| करण | इससे, इसके द्वारा | इनसे, इनके द्वारा |
| सम्प्रदान | इसे, इसको, इसके लिए | इन्हें, इनको, इनके लिए |
| अपादान | इससे | इनसे |
| सम्बन्ध | इसका, इसके, इसकी | इनका, इनके, इनकी |
| अधिकरण | इसमें, इस पर | इनमें, इन पर |
अन्यपुरुषवाचक तथा निश्चयवाचक 'वह'
| कारक | एकवचन | बहुवचन |
|---|---|---|
| कर्त्ता | वह, उसने | वे, उन्होंने |
| कर्म | उसे, उसको | उन्हें, उनको |
| करण | उससे, उसके द्वारा | उनसे, उनके द्वारा |
| सम्प्रदान | उसे, उसको, उसके लिए | उन्हें, उनको, उनके लिए |
| अपादान | उससे | उनसे |
| सम्बन्ध | उसका, उसके, उसकी | उनका, उनके, उनकी |
| अधिकरण | उसमें, उस पर | उनमें, उन पर |
प्रश्नवाचक 'कौन'
| कारक | एकवचन | बहुवचन |
|---|---|---|
| कर्त्ता | कौन, किसने | कौन, किन्होंने |
| कर्म | किसे, किसको | किन्हें, किनको |
| करण | किससे, किसके द्वारा | किनसे, किनके द्वारा |
| सम्प्रदान | किसे, किसको, किसके लिए | किन्हें, किनको, किनके लिए |
| अपादान | किससे | किनसे |
| सम्बन्ध | किसका, किसके, किसकी | किनका, किनके, किनकी |
| अधिकरण | किसमें, किस पर | किनमें, किन पर |
अनिश्चयवाचक 'कोई'
| कारक | एकवचन | बहुवचन |
|---|---|---|
| कर्त्ता | कोई, किसीने | कोई, किन्हीं ने |
| कर्म | किसीको | किन्हीं को |
| करण | किसी से, किसी के द्वारा | किन्हीं से, किन्हीं के द्वारा |
| सम्प्रदान | किसी को, किसी के लिए | किन्हीं को, किन्हीं के लिए |
| अपादान | किसी से | किन्हीं से |
| सम्बन्ध | किसी का, किसी के, किसी की | किन्हीं का, किन्हीं के, किन्हीं की |
| अधिकरण | किसी में, किसी पर | किन्हीं में, किन्हीं पर |
संबंधवाचक 'जो'
| कारक | एकवचन | बहुवचन |
|---|---|---|
| कर्त्ता | जो, जिसने | जो, जिन्होंने |
| कर्म | जिसे, जिसको | जिन्हें, जिनको |
| करण | जिससे, जिसके द्वारा | जिनसे, जिनके द्वारा |
| सम्प्रदान | जिसे, जिसको, जिसके लिए | जिन्हें, जिनको, जिनके लिए |
| अपादान | जिससे | जिनसे |
| सम्बन्ध | जिसका, जिसके, जिसकी | जिनका, जिनके, जिनकी |
| अधिकरण | जिसमें, जिस पर | जिनमें, जिन पर |
୩. ପାଠ୍ୟପୁସ୍ତକ ଅଭ୍ୟାସ ପ୍ରଶ୍ନାବଳୀର ୧୦୦% ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ସମାଧାନ (100% Complete Solved Exercises)
अभ्यास
Q1. सर्वनाम किसे कहते हैं? इसके भेदों के नाम लिखिए।
उत्तर:
सर्वनाम की परिभाषा: जो शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होते हैं, उन्हें सर्वनाम कहते हैं। ये शब्द भाषा में पुनरावृत्ति को रोकते हैं और वाक्य को अधिक संक्षिप्त तथा सुंदर बनाते हैं।
उदाहरण: मोहन एक अच्छा लड़का है। वह प्रतिदिन स्कूल जाता है। (यहाँ 'वह' सर्वनाम है जो 'मोहन' संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त हुआ है।)
सर्वनाम के भेद: सर्वनाम छह प्रकार के होते हैं:
१. पुरुषवाचक सर्वनाम
२. निश्चयवाचक सर्वनाम
३. अनिश्चयवाचक सर्वनाम
४. संबंधवाचक सर्वनाम
५. प्रश्नवाचक सर्वनाम
६. निजवाचक सर्वनाम
Q2. 'कोई' का सभी कारकों में एकवचन रूप लिखिए।
उत्तर:
'कोई' सर्वनाम का सभी कारकों में एकवचन रूप इस प्रकार है:
| कारक | एकवचन |
|---|---|
| कर्त्ता | कोई, किसीने |
| कर्म | किसीको |
| करण | किसी से, किसी के द्वारा |
| सम्प्रदान | किसी को, किसी के लिए |
| अपादान | किसी से |
| सम्बन्ध | किसी का, किसी के, किसी की |
| अधिकरण | किसी में, किसी पर |
Q3. निम्नलिखित सर्वनामों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए –
हमने, जिसको, अपनी, उससे, तू, तुम्हारा, किसी में, कोई, कौन, क्या
उत्तर:
Q4. वाक्यों के खाली स्थानों को कोष्ठक के सर्वनामों के उचित रूपों से भरिए –
(i) आपने ....... बुलाया (वह)
(ii) आज .......गाँव जाना है । (मैं)
(iii) ... मेज पर गिलास रखा ? (कौन)
(iv) ........ को यह सन्तरा दे दो । (कोई)
(v) ........ आपकी बात मान ली । (हम)
(vi) ........ ने हमारा सम्मान किया है । (आप)
(vii) अब तो मैं ........ पर भरोसा नहीं कर सकता । (वे)
(viii) ........ नाम क्या है ? (तू)
(ix) ........ भाई बाजार गये हैं । (तुम)
(x) दूध में ........ पड़ा है । (कुछ)
(xi) ........ काम पूरा कर दिया । (वे)
(xii) ........ को तुमने छू लिया । (क्या)
(xiii) ........ पर सभी का विश्वास है । (आप)
उत्तर:
(i) आपने उसे बुलाया। (वह)
(ii) आज मुझे गाँव जाना है। (मैं)
(iii) किसने मेज पर गिलास रखा? (कौन)
(iv) किसी को यह सन्तरा दे दो। (कोई)
(v) हमने आपकी बात मान ली। (हम)
(vi) आपने हमारा सम्मान किया है। (आप)
(vii) अब तो मैं उन पर भरोसा नहीं कर सकता। (वे)
(viii) तेरा नाम क्या है? (तू)
(ix) तुम्हारे भाई बाजार गये हैं। (तुम)
(x) दूध में कुछ पड़ा है। (कुछ)
(xi) उन्होंने काम पूरा कर दिया। (वे)
(xii) किस को तुमने छू लिया? (क्या)
(xiii) आप पर सभी का विश्वास है। (आप)
Q5. 'क' स्तम्भ के मूल रूपों के साथ 'ख' स्तंभ के तिर्यक रूप जोड़िए –
| 'क' | 'ख' |
|---|---|
| मैं | किसी |
| हम | उसे |
| तू | इन्हें |
| तुम | किन्होंने |
| वह | किस पर |
| वे | जिसकी |
| यह | तुझको |
| ये | उन्होंने |
| कौन | इसका |
| क्या | तुम्हें |
| कोई | हमारी |
| जो | मुझे |
उत्तर:
सही मिलान इस प्रकार है:
| 'क' | 'ख' |
|---|---|
| मैं | मुझे |
| हम | हमारी |
| तू | तुझको |
| तुम | तुम्हें |
| वह | उसे |
| वे | उन्होंने |
| यह | इसका |
| ये | इन्हें |
| कौन | किस पर |
| क्या | किन्होंने |
| कोई | किसी |
| जो | जिसकी |
୪. ବୋର୍ଡ ପରୀକ୍ଷା ମାଷ୍ଟ୍ରି ଟିପ୍ସ ଓ ସାଧାରଣ ଭୁଲ୍ (Board Exam Tips & Pitfalls)
बोर्ड परीक्षा मास्टरी टिप्स:
1. परिभाषाएँ कंठस्थ करें: सर्वनाम की परिभाषा और उसके छह भेदों की परिभाषाएँ उदाहरणों सहित याद करें। यह सीधे प्रश्न के रूप में आ सकता है।
2. भेद पहचानना सीखें: विभिन्न वाक्यों में दिए गए सर्वनामों के भेदों को पहचानने का अभ्यास करें। यह वस्तुनिष्ठ प्रश्नों (MCQs) के लिए महत्वपूर्ण है।
3. रूपावली का अभ्यास: सर्वनामों की कारक-वचन रूपावली (जैसे 'मैं', 'तू', 'वह', 'कौन', 'कोई', 'जो' के विभिन्न रूप) को अच्छी तरह समझें और लिखकर अभ्यास करें। खाली स्थान भरने और वाक्य शुद्ध करने में यह बहुत सहायक होगा।
4. वाक्य प्रयोग का अभ्यास: दिए गए सर्वनामों का सही वाक्यों में प्रयोग करने का अभ्यास करें। इससे आपकी वाक्य रचना कौशल में सुधार होगा।
5. लिंग, वचन, परसर्ग का प्रभाव: समझें कि सर्वनाम पर लिंग का प्रभाव क्यों नहीं पड़ता, जबकि वचन और परसर्ग का प्रभाव पड़ता है। 'आप' और 'कुछ' के अपवाद को भी याद रखें।
6. नियमित पुनरावृत्ति: व्याकरण के नियमों को भूलने से बचने के लिए नियमित रूप से पुनरावृत्ति करें।
साधारण गलतियाँ (Common Pitfalls):
1. सर्वनाम और विशेषण में भ्रम: छात्र कभी-कभी निश्चयवाचक सर्वनाम और सार्वनामिक विशेषण में भ्रमित हो जाते हैं। याद रखें, सर्वनाम संज्ञा के स्थान पर आता है, जबकि सार्वनामिक विशेषण संज्ञा से पहले आकर उसकी विशेषता बताता है (जैसे: 'यह' पुस्तक मेरी है - यहाँ 'यह' सार्वनामिक विशेषण है, जबकि 'यह' मेरा है - यहाँ 'यह' निश्चयवाचक सर्वनाम है)।
2. कारक रूपों का गलत प्रयोग: 'मैं' की जगह 'मेरे को', 'मुझे' की जगह 'मेरे को' जैसे अशुद्ध प्रयोग आम हैं। रूपावली का सही ज्ञान इन गलतियों से बचाता है।
3. अनिश्चयवाचक और प्रश्नवाचक में भ्रम: 'कोई' और 'कुछ' (अनिश्चयवाचक) तथा 'कौन' और 'क्या' (प्रश्नवाचक) के प्रयोग में सावधानी बरतें। 'कोई' और 'कौन' प्राणियों के लिए, जबकि 'कुछ' और 'क्या' वस्तुओं के लिए प्रयुक्त होते हैं।
4. निजवाचक 'आप' और मध्यम पुरुष 'आप' में अंतर: निजवाचक 'आप' का अर्थ 'स्वयं' या 'खुद' होता है (जैसे: मैं आप ही चला जाऊँगा), जबकि मध्यम पुरुष 'आप' आदरसूचक सर्वनाम है जो किसी दूसरे व्यक्ति के लिए प्रयुक्त होता है (जैसे: आप कहाँ जा रहे हैं?)।
5. वचन परिवर्तन में त्रुटि: 'वह' का बहुवचन 'वे' होता है, लेकिन कभी-कभी छात्र गलत रूप का प्रयोग कर देते हैं।
इन टिप्स और सामान्य गलतियों पर ध्यान देकर छात्र सर्वनाम अध्याय में पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं।
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(ନୋଟ୍ସ ପ୍ରସ୍ତୁତି: ଉତ୍କଳ ସ୍କିଲ୍ ସେଣ୍ଟର - BSE Odisha 100% Full Textbook Master Edition)
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