BSE ODISHA CLASS 9 • UTKAL MASTER STROKE

बोर्र्ड ऑफ् सेकेण्डारी एज्युकेशन (BSE Odisha) — सम्‍पूर्ण अध्‍याय मास्‍टर नोट्स

श्रेणी: Class 9 | विषय: Hindi Grammer

अध्‍याय: Class9 HindiGram Ch10 Ch10 Visheshon


୧. अध्‍याय का सारांश और माइंड मैप (Mind Map & Conceptual Architecture)


यह अध्‍याय 'विशेषण' पर केंद्रित है, जो हिंदी व्‍याकरण का एक महत्‍वपूर्ण अंग है। विशेषण वे शब्‍द होते हैं जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं। ये शब्‍द किसी वस्‍तु, व्‍यक्ति या स्‍थान के गुण, दोष, रंग, आकार, अवस्‍था, संख्‍या या परिमाण का बोध कराते हैं। जिस शब्‍द की विशेषता बताई जाती है, उसे 'विशेष्य' कहते हैं।

अध्‍याय के मुख्‍य उद्देश्‍य:

  • विशेषण की परिभाषा और उसके महत्‍व को समझना।
  • विशेषण के चार मुख्‍य भेदों (गुणवाचक, संख्‍यावाचक, परिमाणवाचक, सार्वनामिक) को पहचानना और उनमें अंतर करना।
  • प्रत्‍येक भेद के उपभेदों (जैसे निश्चित/अनिश्चित संख्‍यावाचक और परिमाणवाचक) को जानना।
  • वाक्‍यों में विशेषण और विशेष्य को सही ढंग से पहचानना।
  • दिए गए विशेषणों के लिए उचित विशेष्य का प्रयोग करना।
  • माइंड मैप (संकल्‍पनात्‍मक संरचना):

    ```

    विशेषण


    १. गुणवाचक विशेषण २. संख्‍यावाचक विशेषण ३. परिमाणवाचक विशेषण ४. सार्वनामिक विशेषण

    | (i) निश्चित (i) निश्चित (i) मूल रूप में

    | (ii) अनिश्चित (ii) अनिश्चित (ii) तिर्यक रूप में

    | (iii) व्‍यत्‍पन्‍न रूप में

    (गुण, स्‍वभाव, स्‍थान, आकार, रंग, अवस्‍था, काल)

    ```

    संक्षिप्‍त सारांश:

    विशेषण संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्‍द होते हैं। ये चार प्रकार के होते हैं:

    1. गुणवाचक विशेषण: गुण, दोष, रंग, आकार, अवस्‍था, काल, स्‍थान आदि का बोध कराते हैं।

    2. संख्‍यावाचक विशेषण: संज्ञा की संख्‍या का बोध कराते हैं, जो निश्चित या अनिश्चित हो सकती है।

    3. परिमाणवाचक विशेषण: संज्ञा की मात्रा या परिमाण का बोध कराते हैं, जो निश्चित या अनिश्चित हो सकता है।

    4. सार्वनामिक विशेषण: वे सर्वनाम शब्‍द जो संज्ञा से पहले आकर उसकी विशेषता बताते हैं।


    २. मुख्‍य विषयवस्‍तु, सिद्धांत और गाणितिक सूत्रावली (Comprehensive Theory & Formulas)


    विशेषण (Adjective)

    ऊपर के उदाहरणों में कुछ शब्‍द अन्‍य शब्‍दों के गुण, रंग, अवस्‍था, परिमाण, संख्‍या आदि विशेषताएँ बताते हैं। ऐसे शब्‍दों को 'विशेषण' कहते हैं। जिन शब्‍दों की विशेषता बताई जाती है, उनको विशेष्य या 'संज्ञा' कहते हैं। मीठा आम में मीठा विशेषण है और आम संज्ञा (विशेष्य) है।

    उदाहरण:

  • गुण: मीठा आम, सुंदर फूल, दयालु भगवान
  • रंग: काला घोड़ा, तिरंगा झंडा
  • अवस्‍था: मेहनती किसान
  • परिमाण: एक किलो आटा, दो लिटर तेल
  • संख्‍या: चार बच्‍चे, पहली बात, कई आदमी, काफी किताबें
  • विशेषण के मुख्‍य चार भेद होते हैं:

    १. गुणवाचक विशेषण

    २. संख्‍यावाचक विशेषण

    ३. परिमाणवाचक विशेषण

    ४. सार्वनामिक विशेषण

    १. गुणवाचक विशेषण:

    शब्‍द-युग्‍म में पहले आने वाला शब्‍द, जब संज्ञा (विशेष्य) के गुण, स्‍वभाव, स्‍थान, आकार, रंग, अवस्‍था, काल आदि बताता है, उसे 'गुणवाचक विशेषण' कहते हैं।

    जैसे:

  • गुण: खट्टा अंगूर, चतुर लड़की
  • स्‍वभाव: ईमानदार लड़का, डरपोक आदमी
  • स्‍थान: सम्बलपुरी साड़ी, भारतीय किसान, बनारसी पान, ग्रामीण व्‍यक्ति
  • आकार: पतली छड़ी, सीधा रास्‍ता
  • रंग: सफेद बाल, हरी घास
  • अवस्‍था: सूखी डाली, बासी रोटी
  • काल: आगामी अधिवेशन, पुरानी बात
  • २. संख्‍यावाचक विशेषण:

    शब्‍द-युग्‍म में पहले आने वाला शब्‍द, जब दूसरे शब्‍द की संख्‍या बताता है, उसे 'संख्‍यावाचक विशेषण' कहते हैं; ऐसे विशेषण दो प्रकार के होते हैं।

    (i) निश्चित संख्‍यावाचक:

    जो विशेषण किसी संज्ञा की निश्चित संख्‍या का बोध कराते हैं।

    जैसे: तीन दिन, पहला काम, तिगुनी फसल, प्रत्‍येक लड़का।

    (ii) अनिश्चित संख्‍यावाचक:

    जो विशेषण किसी संज्ञा की निश्चित संख्‍या का बोध नहीं कराते हैं।

    जैसे: बहुत बच्‍चे, कई आदमी, कम कॉपियाँ, काफी किताबें।

    ३. परिमाणवाचक विशेषण:

    शब्‍द-युग्‍म में पहले आनेवाला शब्‍द जब दूसरे शब्‍द का परिमाण बताता है, उसे 'परिमाणवाचक विशेषण' कहते हैं। इसके भी दो प्रकार हैं।

    (i) निश्चित परिमाणवाचक:

    जो विशेषण किसी वस्‍तु की निश्चित मात्रा या परिमाण का बोध कराते हैं।

    जैसे: दो मीटर कपड़ा, एक किलो आटा, तीन लिटर तेल।

    (ii) अनिश्चित परिमाणवाचक:

    जो विशेषण किसी वस्‍तु की निश्चित मात्रा या परिमाण का बोध नहीं कराते हैं।

    जैसे: अधूरा काम, थोड़ा चावल, जरा-सी बात।

    ४. सार्वनामिक विशेषण:

    शब्‍द-युग्‍म में पहले आने वाला सर्वनाम शब्‍द जब बाद में आनेवाले संज्ञा शब्‍द की विशेषता बताता है, उसे 'सार्वनामिक विशेषण' कहते हैं।

    जैसे:

  • यह किताब
  • ऐसी घटना
  • मेरी कलम
  • अपनी घड़ी
  • उसका मकान
  • आपके जूते
  • कौन-सी पुस्‍तक
  • कोई-सी लड़की
  • जो बच्‍चे
  • सार्वनामिक विशेषण तीन प्रकार से आते हैं:

    (i) मूल रूप में बिना परसर्ग के:

    ये सर्वनाम शब्‍द बिना किसी परसर्ग (कारक चिन्‍ह) के सीधे संज्ञा से पहले आकर उसकी विशेषता बताते हैं।

    जैसे: यह, वह, वे, कौन, कोई, जो।

    (ii) तिर्यक रूप में परसर्ग के साथ:

    ये सर्वनाम शब्‍द परसर्ग के साथ आकर संज्ञा की विशेषता बताते हैं।

    जैसे: मेरा, मेरे, मेरी, अपना, अपने, अपनी, उनका, उनके, उनकी।

    (iii) अपने व्‍यत्‍पन्‍न रूप में:

    ये सर्वनाम शब्‍द अपने मूल रूप से परिवर्तित होकर संज्ञा की विशेषता बताते हैं।

    जैसे: ऐसा, वैसा, जैसा, इतना, उतना, जितना।

    अतिरिक्‍त बिंदु:

  • सार्वनामिक विशेषण के रूप में 'कोई', 'कुछ' प्राणी और अप्राणी दोनों के लिए आते हैं।
  • निजवाचक सर्वनाम 'ना /ने/ नी' युक्‍त होने पर सार्वनामिक विशेषण बन जाता है। (यह बिंदु पाठ्यपुस्तक में दिया गया है, लेकिन इसका उदाहरण स्पष्ट नहीं है। सामान्यतः निजवाचक सर्वनाम 'आप' होता है, और 'अपना' सार्वनामिक विशेषण बन सकता है।)

  • ३. पाठ्यपुस्तक अभ्यास प्रश्नावलि का 100% संपूर्ण समाधान (100% Complete Solved Exercises)


    अभ्यास

    Q1. विशेषण किसे कहते हैं? इसके भेदों को सोदाहरण बताइए।

    उत्तर:

    विशेषण की परिभाषा: जो शब्‍द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता (गुण, दोष, रंग, आकार, अवस्‍था, संख्‍या, परिमाण आदि) बताते हैं, उन्‍हें विशेषण कहते हैं। जिस शब्‍द की विशेषता बताई जाती है, उसे विशेष्य कहते हैं।

    उदाहरण: 'मीठा आम' में 'मीठा' विशेषण है और 'आम' विशेष्य है।

    विशेषण के मुख्‍य चार भेद होते हैं:

    १. गुणवाचक विशेषण:

    जो विशेषण शब्‍द संज्ञा या सर्वनाम के गुण, दोष, रंग, आकार, अवस्‍था, स्‍थान, काल आदि का बोध कराते हैं, उन्‍हें गुणवाचक विशेषण कहते हैं।

    उदाहरण:

  • गुण: अच्‍छा लड़का, चतुर विद्यार्थी
  • दोष: बुरा आदमी, आलसी छात्र
  • रंग: लाल गुलाब, नीला आकाश
  • आकार: मोटा आदमी, गोल मेज
  • अवस्‍था: गरीब किसान, बीमार व्‍यक्ति
  • स्‍थान: भारतीय नागरिक, शहरी जीवन
  • काल: नया साल, पुरानी बात
  • २. संख्‍यावाचक विशेषण:

    जो विशेषण शब्‍द संज्ञा या सर्वनाम की संख्‍या संबंधी विशेषता बताते हैं, उन्‍हें संख्‍यावाचक विशेषण कहते हैं। ये दो प्रकार के होते हैं:

  • निश्चित संख्‍यावाचक विशेषण: जो निश्चित संख्‍या का बोध कराते हैं।
  • उदाहरण: दो लड़के, पाँच किताबें, पहला स्‍थान, तीसरा दिन।

  • अनिश्चित संख्‍यावाचक विशेषण: जो निश्चित संख्‍या का बोध नहीं कराते हैं।
  • उदाहरण: कुछ लोग, कई बच्‍चे, थोड़े फल, सब विद्यार्थी।

    ३. परिमाणवाचक विशेषण:

    जो विशेषण शब्‍द संज्ञा या सर्वनाम की मात्रा या परिमाण (नाप-तौल) संबंधी विशेषता बताते हैं, उन्‍हें परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं। ये भी दो प्रकार के होते हैं:

  • निश्चित परिमाणवाचक विशेषण: जो निश्चित मात्रा या परिमाण का बोध कराते हैं।
  • उदाहरण: दो किलो चावल, चार मीटर कपड़ा, एक लिटर दूध।

  • अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण: जो निश्चित मात्रा या परिमाण का बोध नहीं कराते हैं।
  • उदाहरण: थोड़ा पानी, बहुत दूध, कुछ चीनी, सारा अनाज।

    ४. सार्वनामिक विशेषण (संकेतवाचक विशेषण):

    जब कोई सर्वनाम शब्‍द संज्ञा से पहले आकर उसकी विशेषता बताता है या उसकी ओर संकेत करता है, तो उसे सार्वनामिक विशेषण कहते हैं।

    उदाहरण:

  • यह घर मेरा है। (यह - सार्वनामिक विशेषण, घर - विशेष्य)
  • वह लड़का पढ़ रहा है। (वह - सार्वनामिक विशेषण, लड़का - विशेष्य)
  • कोई आदमी आया है। (कोई - सार्वनामिक विशेषण, आदमी - विशेष्य)
  • कौन-सा फूल सुंदर है? (कौन-सा - सार्वनामिक विशेषण, फूल - विशेष्य)
  • Q2. नीचे लिखे वाक्‍यों में से विशेषण शब्‍दों को छाँटिए।

    (i) तुम्‍हारी पुरानी पुस्‍तक कहीं खो गयी ।

    उत्तर: पुरानी (गुणवाचक विशेषण - काल/अवस्‍था)

    (ii) ये आम बहुत मीठे हैं।

    उत्तर: मीठे (गुणवाचक विशेषण - गुण)

    (iii) उस लड़के को बुलाओ ।

    उत्तर: उस (सार्वनामिक विशेषण)

    (iv) बूढ़ा आदमी चलते-चलते बैठ गया ।

    उत्तर: बूढ़ा (गुणवाचक विशेषण - अवस्‍था)

    (v) मैंने एक पतली छड़ी खरीदी ।

    उत्तर: पतली (गुणवाचक विशेषण - आकार)

    (vi) थोड़ी-सी चाय पी लो ।

    उत्तर: थोड़ी-सी (अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण)

    Q3. निम्‍नलिखित विशेषणों में से गुणवाचक, संख्‍यावाचक, परिमाणवाचक विशेषणों को अलग-अलग कीजिए।

    शब्‍द: धनवान, मीठा, दोनों, गरीब, बूढ़ा, मेरा, पाँच, थोड़ा, बहुत, तीनों, पूर्वी, काफी, ज्‍यादा, कायर, ठण्डा, दो किलो, तीन मीटर, चार लिटर, दो दर्जन।

    उत्तर:

    गुणवाचक विशेषण:

  • धनवान (गुण)
  • मीठा (गुण)
  • गरीब (अवस्‍था)
  • बूढ़ा (अवस्‍था)
  • पूर्वी (स्‍थान)
  • कायर (गुण/स्‍वभाव)
  • ठण्डा (गुण/स्‍पर्श)
  • संख्‍यावाचक विशेषण:

  • दोनों (निश्चित संख्‍यावाचक)
  • पाँच (निश्चित संख्‍यावाचक)
  • तीनों (निश्चित संख्‍यावाचक)
  • दो दर्जन (निश्चित संख्‍यावाचक)
  • मेरा (यह सार्वनामिक विशेषण है, यदि 'मेरा घर' जैसा प्रयोग हो। यदि केवल 'मेरा' है तो सर्वनाम है। पाठ्यपुस्तक के संदर्भ में, इसे सार्वनामिक विशेषण के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन यहाँ केवल गुणवाचक, संख्‍यावाचक, परिमाणवाचक में वर्गीकृत करना है। इसलिए इसे इस सूची से बाहर रखा जा सकता है या 'सार्वनामिक' के रूप में अलग से उल्‍लेख किया जा सकता है। चूंकि निर्देश में केवल तीन श्रेणियां दी गई हैं, और 'मेरा' सीधे गुण, संख्‍या या परिमाण नहीं बताता, इसे यहाँ नहीं रखा जाएगा।)
  • परिमाणवाचक विशेषण:

  • थोड़ा (अनिश्चित परिमाणवाचक)
  • बहुत (अनिश्चित परिमाणवाचक)
  • काफी (अनिश्चित परिमाणवाचक)
  • ज्‍यादा (अनिश्चित परिमाणवाचक)
  • दो किलो (निश्चित परिमाणवाचक)
  • तीन मीटर (निश्चित परिमाणवाचक)
  • चार लिटर (निश्चित परिमाणवाचक)
  • पुनर्वर्गीकरण (पाठ्यपुस्तक के निर्देशों के अनुसार):

  • गुणवाचक विशेषण: धनवान, मीठा, गरीब, बूढ़ा, पूर्वी, कायर, ठण्डा
  • संख्‍यावाचक विशेषण: दोनों, पाँच, तीनों, दो दर्जन
  • परिमाणवाचक विशेषण: थोड़ा, बहुत, काफी, ज्‍यादा, दो किलो, तीन मीटर, चार लिटर
  • (नोट: 'मेरा' एक सार्वनामिक विशेषण है, जिसे दिए गए तीन वर्गों में नहीं रखा जा सकता।)
  • Q4. 'क' स्तम्भ के विशेषणों के साथ 'ख' स्तम्भ के विशेष्यों (संज्ञाओं) का मिलान कीजिए।

    उत्तर:

    (क) विशेषण (ख) विशेष्य (संज्ञा)
    घातक हत्या
    दृढ़ संकल्प
    निर्मम जवाब
    अथाह जल
    मुँहतोड़ जवाब
    धार्मिक व्यक्ति
    दिमागी आदमी
    टूटी पत्तल
    जूठी पत्तल
    देहाती व्यक्ति

    सही मिलान:

  • घातक - हत्या
  • दृढ़ - संकल्प
  • निर्मम - हत्या (या व्यक्ति) (पाठ्यपुस्तक में 'जवाब' दिया है, जो उचित नहीं लगता। 'निर्मम हत्या' या 'निर्मम व्‍यक्ति' अधिक सही है। यदि 'जवाब' के साथ मिलाना हो तो 'निर्मम जवाब' भी हो सकता है, पर यह कम प्रचलित है।)
  • अथाह - जल
  • मुँहतोड़ - जवाब
  • धार्मिक - व्यक्ति
  • दिमागी - आदमी
  • टूटी - पत्तल
  • जूठी - पत्तल
  • देहाती - व्यक्ति
  • Q5. नीचे कुछ विशेषण दिये गये हैं। उनके सामने उनका सही संज्ञा शब्‍द लिखिए।

    उत्तर:

    विशेषण संज्ञा (विशेष्य)
    पापी पाप
    निष्ठुर निष्ठुरता
    घृणित घृणा
    प्रतिष्ठित प्रतिष्ठा
    पूज्य पूजा
    बुरा बुराई
    ज्ञानी ज्ञान
    अच्‍छा अच्‍छाई
    अधिकारी अधिकार


    ४. बोर्ड परीक्षा मास्‍ट्री टिप्‍स और साधारण भूल (Board Exam Tips & Pitfalls)


    बोर्ड परीक्षा मास्‍ट्री टिप्‍स:

    1. परिभाषाएँ कंठस्‍थ करें: विशेषण और उसके सभी भेदों की परिभाषाएँ उदाहरण सहित याद करें। यह सीधे प्रश्‍न के रूप में आ सकता है।

    2. उदाहरणों पर ध्‍यान दें: प्रत्‍येक प्रकार के विशेषण के कम से कम दो-तीन उदाहरणों को समझें और याद रखें। उदाहरणों से ही आप विशेषण के प्रकार को पहचान पाएँगे।

    3. विशेषण और विशेष्य की पहचान: वाक्‍य में विशेषण और विशेष्य को पहचानने का अभ्‍यास करें। हमेशा याद रखें कि विशेषण संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है।

    4. सूक्ष्‍म अंतर समझें: संख्‍यावाचक और परिमाणवाचक विशेषण के बीच के अंतर को अच्‍छी तरह समझें। संख्‍यावाचक गणनीय वस्‍तुओं के लिए होता है (जैसे चार किताबें), जबकि परिमाणवाचक अगणनीय वस्‍तुओं की मात्रा के लिए होता है (जैसे चार किलो चावल)।

    5. निश्चित और अनिश्चित भेद: प्रत्‍येक संख्‍यावाचक और परिमाणवाचक विशेषण के निश्चित और अनिश्चित भेदों को उनके उदाहरणों सहित याद रखें।

    6. सार्वनामिक विशेषण की पहचान: सर्वनाम और सार्वनामिक विशेषण के बीच के अंतर को समझें। जब सर्वनाम संज्ञा से ठीक पहले आकर उसकी विशेषता बताए, तभी वह सार्वनामिक विशेषण होता है।

  • उदाहरण: 'यह मेरा घर है।' (यह - सर्वनाम) बनाम 'यह घर मेरा है।' (यह - सार्वनामिक विशेषण)
  • 7. अभ्‍यास करें: पाठ्यपुस्तक के अभ्‍यास प्रश्‍नों के अलावा अन्‍य वाक्‍यों और शब्‍दों से विशेषण पहचानने और वर्गीकृत करने का अभ्‍यास करें।

    8. स्‍वयं के उदाहरण बनाएँ: प्रत्‍येक प्रकार के विशेषण के लिए स्‍वयं के उदाहरण बनाने का प्रयास करें। इससे आपकी समझ और मजबूत होगी।

    साधारण भूलें (Common Pitfalls):

    1. विशेषण और विशेष्य में भ्रम: छात्र अक्‍सर विशेषण और विशेष्य को पहचानने में गलती करते हैं। याद रखें, विशेषण विशेषता बताता है और विशेष्य वह है जिसकी विशेषता बताई जाती है।

    2. संख्‍यावाचक और परिमाणवाचक में गलती: गणनीय (गिनने योग्‍य) और अगणनीय (नापने-तौलने योग्‍य) वस्‍तुओं के लिए विशेषण के प्रयोग में भ्रम होना एक आम गलती है।

  • गलत: 'थोड़े बच्‍चे' (सही: कुछ बच्‍चे/थोड़ी संख्‍या में बच्‍चे)
  • सही: 'थोड़ा पानी'
  • 3. सर्वनाम और सार्वनामिक विशेषण को एक समझना: यह एक बहुत ही सामान्‍य गलती है। यदि सर्वनाम अकेला प्रयुक्‍त हो तो वह सर्वनाम है, लेकिन यदि वह संज्ञा से पहले आकर उसकी विशेषता बताए तो सार्वनामिक विशेषण है।

    4. गुणवाचक विशेषण के उपभेदों को न पहचानना: गुणवाचक विशेषण में केवल 'गुण' ही नहीं, बल्कि रंग, आकार, अवस्‍था, काल, स्‍थान आदि भी शामिल होते हैं। इन सभी पहलुओं पर ध्‍यान देना चाहिए।

    5. अनिश्चित विशेषणों को अनदेखा करना: 'कुछ', 'कई', 'थोड़ा', 'बहुत' जैसे अनिश्चित विशेषणों को पहचानने में लापरवाही करना।

    6. वर्तनी की अशुद्धियाँ: विशेषण शब्‍दों को लिखते समय वर्तनी की गलतियाँ करना। शुद्ध हिंदी वर्तनी का अभ्‍यास करें।

    इन टिप्‍स और सावधानियों का पालन करके आप विशेषण संबंधी प्रश्‍नों में पूर्ण अंक प्राप्‍त कर सकते हैं।

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    (नोट्स प्रस्तुति: उत्कल स्किल सेंटर - BSE Odisha 100% Full Textbook Master Edition)

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