BSE ODISHA CLASS 9 • UTKAL MASTER STROKE

ବୋର୍ଡ ଅଫ୍ ସେକେଣ୍ଡାରୀ ଏଜୁକେସନ୍ (BSE Odisha) — ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ଅଧ୍ୟାୟ ମାଷ୍ଟର ନୋଟ୍ସ

ଶ୍ରେଣୀ: Class 9 | ବିଷୟ: Hindi Grammar

ଅଧ୍ୟାୟ: Class 9 Hindi Grammar Chapter 12 - अव्यय (Avyay)


୧. ଅଧ୍ୟାୟର ସାରାଂଶ ଓ ମାଇଣ୍ଡ ମ୍ୟାପ୍ (Mind Map & Conceptual Architecture)


୧.୧ ଅଧ୍ୟାୟର ସାରାଂଶ (Chapter Summary):

हिन्दी व्याकरण में शब्दों को दो मुख्य भागों में विभाजित किया जाता है - विकारी (Declinable) और अविकारी (Indeclinable)। इस अध्याय में हम 'अविकारी शब्दों' अर्थात् 'अव्यय' (Avyay) के बारे में विस्तार से अध्ययन करेंगे।

'अव्यय' का शाब्दिक अर्थ है - 'जो व्यय न हो' अर्थात् जिसमें कोई परिवर्तन न हो। वाक्य में प्रयोग करते समय जिन शब्दों के रूप में लिंग (Gender), वचन (Number), पुरुष (Person), कारक (Case) या काल (Tense) के कारण कोई विकार या परिवर्तन नहीं होता, उन्हें 'अव्यय' या 'अविकारी शब्द' कहा जाता है। ये शब्द सदैव अपने मूल रूप में ही बने रहते हैं।

୧.୨ ମୁଖ୍ୟ ଶିକ୍ଷଣ ଉଦ୍ଦେଶ୍ୟ (Core Learning Objectives):

  • अव्यय की परिभाषा और उसके महत्व को समझना।
  • अव्यय के चारों भेदों (क्रिया विशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक, विस्मयादिबोधक) की पहचान करना।
  • वाक्यों में अव्यय शब्दों का सही और व्याकरणिक रूप से शुद्ध प्रयोग करना सीखना।
  • विभिन्न प्रकार के अव्ययों के बीच के सूक्ष्म अंतर को समझना (जैसे - क्रिया विशेषण और संबंधबोधक में अंतर)।
  • ୧.୩ ମାଇଣ୍ଡ ମ୍ୟାପ୍ (Conceptual Mind Map):

    अव्यय (अविकारी शब्द)

    ┌─────────────────────────────────┼─────────────────────────────────┐

    │ │ │

    (i) क्रिया विशेषण (ii) संबंधबोधक (iii) समुच्चयबोधक (iv) विस्मयादिबोधक

    (Modifies Verbs) (Shows Relation) (Connects Words/Sentences) (Expresses Emotions)

    │ │ │ │

    • धीरे-धीरे, अचानक, • के बाद, के आगे, • और, तथा, परन्तु, • वाह!, हाय!, शाबाश!,

    आजकल, यहाँ, वहाँ, के पीछे, की तरफ, किन्तु, इसलिए, ताकि, हे राम!, छिः!, अरे!

    बहुत, चुपचाप आदि। के नीचे, के साथ आदि। क्योंकि, लेकिन आदि। आदि।


    ୨. ମୁଖ୍ୟ ବିଷୟବସ୍ତୁ, ସିଦ୍ଧାନ୍ତ ଓ ଗାଣିତିକ ସୂତ୍ରାବଳୀ (Comprehensive Theory & Formulas)


    ୨.୧ अव्यय की परिभाषा (Definition of Avyay):

    वाक्य में प्रयुक्त होते समय जो शब्द मूल रूप में ही आते हैं और उनका कोई रूप-परिवर्तन नहीं होता, उन्हें अव्यय कहते हैं। इसलिए अव्यय को 'अविकारी शब्द' भी कहते हैं।

    उदाहरण: और, के पहले, वहाँ, शाबाश, हाँ, छिः, धीरे-धीरे आदि।

    ୨.୨ अव्यय के भेद (Types of Avyay):

    अव्यय मुख्य रूप से चार प्रकार के होते हैं:

    (i) क्रिया विशेषण (Adverb):

    ये शब्द क्रिया की विशेषता बताते हैं। अर्थात् क्रिया कब, कहाँ, कैसे और कितनी मात्रा में हो रही है, इसकी जानकारी देते हैं।

  • उदाहरण: धीरे-धीरे, अचानक, इसलिए, शायद, क्योंकि, आजकल, तुरंत, यहाँ, वहाँ, इस तरफ, आगे, पीछे, लगातार, बार-बार, बहुत, काफी, क्रम-क्रम से, चुपचाप, बाहर, जरा-सा, ध्यान-से, बिना हिले-डुले आदि।
  • वाक्य प्रयोग: वह धीरे-धीरे चलता है। (यहाँ 'धीरे-धीरे' चलने की विशेषता बता रहा है।)
  • (ii) संबंधबोधक (Postposition / Preposition):

    ये शब्द वाक्य में एक पद (संज्ञा या सर्वनाम) का संबंध दूसरे पद के साथ बताते हैं। इनके पहले प्रायः 'के', 'की' বা 'से' विभक्ति चिह्न लगते हैं।

  • उदाहरण: के बाद, के पश्चात्, के आगे, के पीछे, की तरफ, के निमित्त, के नीचे, के द्वारा, के अधीन, के सिवा, के बिना, की तरह, के साथ, की अपेक्षा, के आसपास, की ओर आदि।
  • वाक्य प्रयोग: घर के आगे एक पेड़ है। (यहाँ 'के आगे' घर और पेड़ के बीच संबंध स्थापित कर रहा है।)
  • (iii) समुच्चयबोधक (Conjunction):

    ये शब्द दो शब्दों, वाक्यांशों या वाक्यों को आपस में जोड़ने का कार्य करते हैं। इन्हें 'योजक' भी कहा जाता है।

  • उदाहरण: और, तथा, एवं, या, अथवा, क्या-क्या, न-न, चाहे-या, परन्तु, अपितु, किन्तु, ही नहीं - बल्कि - भी, बल्कि, मगर, फिर भी, इसलिए, अतएव, क्योंकि, ताकि, जिससे कि, यद्यपि - तथापि, मानो, हालाँकि, लेकिन, तो, कि आदि।
  • वाक्य प्रयोग: राम और श्याम पढ़ रहे हैं। (यहाँ 'और' दो शब्दों को जोड़ रहा है।)
  • (iv) विस्मयादिबोधक (Interjection):

    ये शब्द वक्ता के मन के विस्मय (आश्चर्य), हर्ष (आनन्द), शोक (दुःख), घृणा, क्रोध, भय, चेतावनी आदि भावों को व्यक्त करते हैं। इनके साथ विस्मयादिबोधक चिह्न (!) का प्रयोग किया जाता है।

  • उदाहरण: वाह!, शाबाश!, हे राम!, बाप रे!, उफ्!, अरे!, हाँ!, धिक्!, छिः-छिः!, अरी!, राम-राम!, धन्यवाद!, शुक्रिया!, हाय!, अजी!, आहा!, धन्य-धन्य! आदि।
  • वाक्य प्रयोग: वाह! कितना सुंदर फूल है। (यहाँ 'वाह!' हर्ष के भाव को दर्शा रहा है।)
  • ───────────────────────────────────────────────────────────────────────────────

    ସାରଣୀ: ଅବ୍ୟୟର ଚାରୋଟି ପ୍ରକାରର ତୁଳନାତ୍ମକ ଚିତ୍ର (Comparative Table of Avyay Types)

    ───────────────────────────────────────────────────────────────────────────────

    ପ୍ରକାର (Type) | କାର୍ଯ୍ୟ (Function) | ଉଦାହରଣ (Examples in Hindi)

    ───────────────────────────────────────────────────────────────────────────────

    क्रिया विशेषण | क्रिया की विशेषता बताना | धीरे-धीरे, अचानक, आजकल, यहाँ, वहाँ, बहुत

    संबंधबोधक | संज्ञा/सर्वनाम का अन्य शब्दों से संबंध बताना | के आगे, के पीछे, के नीचे, के साथ, की ओर

    समुच्चयबोधक | शब्दों या वाक्यों को जोड़ना | और, परन्तु, किन्तु, इसलिए, क्योंकि, ताकि

    विस्मयादिबोधक | मन के तीव्र भावों (हर्ष, शोक आदि) को दर्शाना | वाह!, हाय!, शाबाश!, अरे!, छिः!

    ───────────────────────────────────────────────────────────────────────────────


    ୩. ପାଠ୍ୟପୁସ୍ତକ ଅଭ୍ୟାସ ପ୍ରଶ୍ନାବଳୀର ୧୦୦% ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ସମାଧାନ (100% Complete Solved Exercises)


    ପ୍ରଶ୍ନ ୧. अव्यय का अर्थ क्या है?

    ଉତ୍ତର: अव्यय का शाब्दिक अर्थ है - 'जो व्यय न हो' अर्थात् जिसमें कोई परिवर्तन न हो। व्याकरण में, जिन शब्दों के रूप में लिंग, वचन, पुरुष, कारक, काल आदि के कारण कोई विकार या रूप-परिवर्तन नहीं होता, उन्हें अव्यय कहते हैं। इन्हें 'अविकारी शब्द' भी कहा जाता है। जैसे - और, यहाँ, धीरे-धीरे, शाबाश आदि।

    ପ୍ରଶ୍ନ ୨. अव्यय कितने प्रकार के हैं? वे कौन-कौन से हैं?

    ଉତ୍ତର: अव्यय मुख्य रूप से चार प्रकार के होते हैं। वे निम्नलिखित हैं:

    (i) क्रिया विशेषण (Adverb)

    (ii) संबंधबोधक (Postposition)

    (iii) समुच्चयबोधक (Conjunction)

    (iv) विस्मयादिबोधक (Interjection)

    ପ୍ରଶ୍ନ ୩. क्रियाविशेषण किसे कहते हैं?

    ଉତ୍ତର: जो अव्यय शब्द क्रिया की विशेषता (जैसे - समय, स्थान, रीति, परिमाण आदि) प्रकट करते हैं, उन्हें क्रियाविशेषण कहते हैं। जैसे - धीरे-धीरे, अचानक, आजकल, तुरंत, यहाँ, वहाँ, बहुत आदि।

    उदाहरण वाक्य: वह 'तेज' दौड़ता है। (यहाँ 'तेज' क्रियाविशेषण है जो 'दौड़ना' क्रिया की विशेषता बता रहा है।)

    ପ୍ରଶ୍ନ ୪. नीचे के वाक्यों में से क्रियाविशेषण छाँटिए -

    (i) मुझे थोड़ी-सी चाय दीजिए।

    (ii) दीवार बारिश के कारण एकाएक ढह गयी।

    (iii) बेचारा काम की तलाश में दिन भर घूमता रहा।

    (iv) असल में वह झूठ नहीं बोली थी।

    ଉତ୍ତର:

    (i) थोड़ी-सी (परिमाणवाचक क्रियाविशेषण)

    (ii) एकाएक (रीतिवाचक क्रियाविशेषण)

    (iii) दिन भर (कालवाचक क्रियाविशेषण)

    (iv) असल में, नहीं (रीतिवाचक और निषेधवाचक क्रियाविशेषण)

    ପ୍ରଶ୍ନ ୫. सम्बन्धसूचक अव्यय किसे कहते हैं? सोदाहरण बताइए।

    ଉତ୍ତର: जो अव्यय शब्द वाक्य में किसी संज्ञा या सर्वनाम के बाद आकर उसका संबंध वाक्य के दूसरे शब्दों (पदों) के साथ प्रकट करते हैं, उन्हें संबंधबोधक (सम्बन्धसूचक) अव्यय कहते हैं।

    उदाहरण: के आगे, के पीछे, के नीचे, के साथ, की ओर आदि।

    वाक्य प्रयोग:

    (१) हमारे घर 'के आगे' एक सुंदर बगीचा है।

    (२) बिल्ली मेज 'के नीचे' बैठी है।

    ପ୍ରଶ୍ନ ୬. समुच्चयबोधक अव्यय किसे कहते हैं? सोदाहरण बताइए।

    ଉତ୍ତର: जो अव्यय शब्द दो शब्दों, वाक्यांशों या वाक्यों को परस्पर जोड़ने का कार्य करते हैं, उन्हें समुच्चयबोधक अव्यय कहते हैं। इन्हें 'योजक' भी कहा जाता है।

    उदाहरण: और, परन्तु, किन्तु, इसलिए, क्योंकि, ताकि, अथवा आदि।

    वाक्य प्रयोग:

    (१) राम 'और' लक्ष्मण भाई थे।

    (२) उसने बहुत परिश्रम किया, 'परन्तु' सफल न हो सका।

    ପ୍ରଶ୍ନ ୭. नीचे दिये गये वाक्यों से समुच्चयबोधक अव्यय छाँटिए -

    (i) लड़के और लड़कियाँ मैदान में खेल रहे हैं।

    (ii) कुछ लोग कमरे के बाहर और कुछ लोग कमरे के भीतर बैठे थे।

    (iii) वह तेज दौड़ता है, पर ज्यादा समय तक नहीं दौड़ सकता।

    (iv) यदि तू ठीक से पढ़ा होता, तो आज तुझे रोना न पड़ता।

    (v) तुम यहाँ से जाओगे कि मैं जाऊँगा?

    ଉତ୍ତର:

    (i) और

    (ii) और

    (iii) पर

    (iv) यदि, तो

    (v) कि

    ପ୍ରଶ୍ନ ୮. विस्मयादिबोधक अव्ययों का प्रयोग करके पाँच वाक्य बनाइए।

    ଉତ୍ତର:

    (i) वाह! तुमने तो कमाल कर दिया। (हर्षबोधक)

    (ii) हाय! अब मेरा क्या होगा। (शोकबोधक)

    (iii) अरे! तुम कब आए? (विस्मयबोधक)

    (iv) शाबाश! ऐसे ही परीक्षा में अच्छे अंक लाते रहो। (स्वीकृति/प्रशंसासूचक)

    (v) छिः! यहाँ कितनी बदबू है। (घृणाबोधक)

    ପ୍ରଶ୍ନ ୯. निम्नलिखित वाक्यों के रेखांकित अव्ययों के नाम बताइए -

    (i) वह चुपचाप आया।

    (ii) वे लौटकर बाहर चले गये।

    (iii) मैं जरा-सा हिलता था।

    (iv) हाय! ये मर न जाएँ।

    (v) हम कीड़ों को ध्यान से देखते थे।

    (vi) वह बाहर चली आयी और बोली।

    (vii) परन्तु तुम तो क्रूर हो।

    (viii) वे किस छप्पर के नीचे बैठे थे?

    (ix) उस के पीछे सेवक खड़ा था।

    (x) मैं बिना हिले-डुले बैठा रहा।

    ଉତ୍ତର:

    (i) चुपचाप ── क्रियाविशेषण अव्यय (रीतिवाचक)

    (ii) बाहर ── क्रियाविशेषण अव्यय (स्थानवाचक)

    (iii) जरा-सा ── क्रियाविशेषण अव्यय (परिमाणवाचक)

    (iv) हाय! ── विस्मयादिबोधक अव्यय (शोक/भयसूचक)

    (v) ध्यान से ── क्रियाविशेषण अव्यय (रीतिवाचक)

    (vi) और ── समुच्चयबोधक अव्यय (संयोजक)

    (vii) परन्तु ── समुच्चयबोधक अव्यय (विरोधदर्शक)

    (viii) के नीचे ── संबंधबोधक अव्यय

    (ix) के पीछे ── संबंधबोधक अव्यय

    (x) बिना हिले-डुले ── क्रियाविशेषण अव्यय (रीतिवाचक)

    ପ୍ରଶ୍ନ ୧୦. सही कथन के आगे (✓) चिह्न लगाइए :

    उन पद या पदों को अव्यय कहा जाता है -

    (१) जिनका रूप वाक्य में प्रयुक्त होते ही बदल जाता है। [ ]

    (२) जिनका रूप आंशिक बदलता है। [ ]

    (३) जिनके रूप में कोई परिवर्तन नहीं होता। [ ]

    (४) जिनके रूप में कभी-कभी परिवर्तन हो जाता है। [ ]

    ଉତ୍ତର:

    (३) जिनके रूप में कोई परिवर्तन नहीं होता। [ ✓ ]

    ପ୍ରଶ୍ନ ୧୧. इनमें से जो अव्यय पद हैं, उनको रेखांकित कीजिए -

    तुरंत, श्यामनंदन, कि, धीरे-धीरे, अच्छा, धन्यवाद, के नीचे, और, पढ़ाई, लेकिन, पहाड़, शाबाश, लगातार, ताकि, चूँकि, हालाँकि, उफ़्, की तरह, के सिवा, बहुत, बड़ा, काफी, छोटा, मंद-मंद, के बाद, आगे, अगुआ, अचानक, धीरता, अवश्य, आदमी, मानवता, वहाँ, आजकल, चोर, वे, किन्तु, अतएव।

    ଉତ୍ତର: (ଦିଆଯାଇଥିବା ଶବ୍ଦଗୁଡ଼ିକ ମଧ୍ୟରୁ କେବଳ ଅବ୍ୟୟ ପଦଗୁଡ଼ିକୁ ଚିହ୍ନଟ କରି ଲେଖାଗଲା)

  • तुरंत (क्रियाविशेषण)
  • कि (समुच्चयबोधक)
  • धीरे-धीरे (क्रियाविशेषण)
  • धन्यवाद (विस्मयादिबोधक)
  • के नीचे (संबंधबोधक)
  • और (समुच्चयबोधक)
  • लेकिन (समुच्चयबोधक)
  • शाबाश (विस्मयादिबोधक)
  • लगातार (क्रियाविशेषण)
  • ताकि (समुच्चयबोधक)
  • चूँकि (समुच्चयबोधक)
  • हालाँकि (समुच्चयबोधक)
  • उफ़् (विस्मयादिबोधक)
  • की तरह (संबंधबोधक)
  • के सिवा (संबंधबोधक)
  • बहुत (क्रियाविशेषण)
  • काफी (क्रियाविशेषण)
  • मंद-मंद (क्रियाविशेषण)
  • के बाद (संबंधबोधक)
  • आगे (क्रियाविशेषण/संबंधबोधक)
  • अचानक (क्रियाविशेषण)
  • अवश्य (क्रियाविशेषण)
  • वहाँ (क्रियाविशेषण)
  • आजकल (क्रियाविशेषण)
  • किन्तु (समुच्चयबोधक)
  • अतएव (समुच्चयबोधक)
  • (ସୂଚନା: श्यामनंदन, पढ़ाई, पहाड़, बड़ा, छोटा, अगुआ, धीरता, आदमी, मानवता, चोर, वे, अच्छा - ଏହି ଶବ୍ଦଗୁଡ଼ିକ ଅବ୍ୟୟ ନୁହଁନ୍ତି, ଏଗୁଡ଼ିକ ସଂଜ୍ଞା, ବିଶେଷଣ କିମ୍ବା ସର୍ବନାମ ପଦ ଅଟନ୍ତି।)

    ପ୍ରଶ୍ନ ୧୨. नीचे के वाक्यों में से क्रिया-विशेषणों को छाँटिए -

    (i) जरा मेरी तरफ ध्यान दीजिए।

    (ii) आज हवा धीरे-धीरे बह रही है।

    (iii) बारिश से यह दीवार एकाएक ढह गयी।

    (iv) जेट विमान बहुत तेज उड़ता है।

    (v) लोगों ने चोर पर दनादन मुक्के बरसाये।

    (vi) फेरीवाला दिन भर घूमता रहता है।

    (vii) मतवाला हाथी हौले-हौले चलता है।

    ଉତ୍ତର:

    (i) जरा

    (ii) आज, धीरे-धीरे

    (iii) एकाएक

    (iv) बहुत तेज

    (v) दनादन

    (vi) दिन भर

    (vii) हौले-हौले

    ପ୍ରଶ୍ନ ୧୩. कुछ प्रचलित अव्यय नीचे दिये गये हैं। अपनी पाठ्य-पुस्तक से इनके प्रयोग ढूँढ़िए और कॉपी में लिखिए -

    यदि, अब, तभी, तो, तेज, ज्यादा, ज़रा, तक, बल्कि, मानो, ज्यों-त्यों, चाहे, नहीं तो, या, अथवा, एवं, वरना, ही, भी, भर, न, नहीं, जैसे, हाँ, मत, सिर्फ, के अनुसार, अभी, कब, आज, कल, यहाँ, वहाँ, जहाँ, तहाँ, ऐसे, वैसे, बहुत, कम, थोड़ा, कितना, जितना, कृपया, सर्वथा, अनायास, यत्र-तत्र।

    ଉତ୍ତର: (ପ୍ରତ୍ୟେକ ଅବ୍ୟୟ ପଦର ସରଳ ଓ ଶୁଦ୍ଧ ବାକ୍ୟ ପ୍ରୟୋଗ ନିମ୍ନରେ ଦିଆଗଲା)

  • यदि ── यदि तुम मेहनत करोगे, तो अवश्य सफल होगे।
  • अब ── अब हमें घर चलना चाहिए।
  • तभी ── जब बिजली आई, तभी पंखा चला।
  • तो ── यदि तुम आओगे, तो मैं भी चलूँगा।
  • तेज ── घोड़ा बहुत तेज दौड़ता है।
  • ज्यादा ── हमें ज्यादा नहीं बोलना चाहिए।
  • ज़रा ── ज़रा मेरी बात सुनिए।
  • तक ── वह शाम तक लौट आएगा।
  • बल्कि ── वह केवल पढ़ता ही नहीं, बल्कि लिखता भी है।
  • मानो ── वह ऐसे चिल्लाया, मानो उसने भूत देख लिया हो।
  • ज्यों-त्यों ── ज्यों-त्यों करके उसने अपना काम पूरा किया।
  • चाहे ── चाहे जो हो जाए, मैं सच ही बोलूँगा।
  • नहीं तो ── जल्दी करो, नहीं तो गाड़ी छूट जाएगी।
  • या ── तुम चाय पीओगे या दूध?
  • अथवा ── राम अथवा श्याम में से कोई एक आएगा।
  • एवं ── माता एवं पिता पूजनीय हैं।
  • वरना ── चुप रहो, वरना शिक्षक डाँटेंगे।
  • ही ── राम ही यह काम कर सकता है।
  • भी ── मैं भी तुम्हारे साथ मेला देखने जाऊँगा।
  • भर ── उसने रात भर पढ़ाई की।
  • न ── न उसने खाया, न मुझे खाने दिया।
  • नहीं ── मैं आज विद्यालय नहीं जाऊँगा।
  • जैसे ── जैसे ही चोर ने पुलिस को देखा, वह भाग गया।
  • हाँ ── हाँ, मैं कल अवश्य आऊँगा।
  • मत ── धूप में मत खेलो।
  • सिर्फ ── मुझे सिर्फ एक रुपया चाहिए।
  • के अनुसार ── नियमानुसार कार्य करना चाहिए।
  • अभी ── वह अभी-अभी बाहर गया है।
  • कब ── तुम कब वापस आओगे?
  • आज ── आज बहुत तेज धूप है।
  • कल ── कल हमारा अवकाश है।
  • यहाँ ── यहाँ आकर बैठो।
  • वहाँ ── वहाँ कौन खड़ा है?
  • जहाँ ── जहाँ चाह होती है, वहाँ राह मिल जाती है।
  • तहाँ ── जहाँ-तहाँ कचरा मत फेंको।
  • ऐसे ── ऐसे काम नहीं चलेगा।
  • वैसे ── वैसे तो वह बहुत अच्छा लड़का है।
  • बहुत ── आज बहुत ठंड है।
  • कम ── हमें कम खाना और अधिक चबाना चाहिए।
  • थोड़ा ── मुझे थोड़ा पानी दीजिए।
  • कितना ── तुम कितना पढ़ते हो?
  • जितना ── जितना हो सके, दूसरों की मदद करो।
  • कृपया ── कृपया मेरी सहायता कीजिए।
  • सर्वथा ── यह बात सर्वथा सत्य है।
  • अनायास ── वह अनायास ही हँस पड़ा।
  • यत्र-तत्र ── यत्र-तत्र थूकना मना है।
  • ପ୍ରଶ୍ନ ୧୪. सही क्रिया विशेषण लगाकर वाक्यों को पूरा कीजिए -

    (i) बाबूजी दफ्तर के लिए ------ निकले। (जल्द, साथ, क्योंकि)

    (ii) अरबी घोड़े ------ दौड़ते हैं। (तेज़, भीतर, कुछ)

    (iii) वे ------ हों, आज आ जायेंगे। (विदेशों, जहाँ भी, जब तक)

    (iv) लीला को ------ हँसी आ गई। (लगातार, अचानक, यदाकदा)

    (v) उसने ------ कहा। (रोते-रोते, हँसते-गाते, चलते-फिरते)

    (vi) ऐसा ------ चलेगा? (कब तक, जब तक, पर्यन्त)

    (vii) मनु पहाड़ पर ------ चढ़ता गया। (इधर, धीरे-धीरे, चारों ओर)

    (viii) बेवकूफ लोग ------ हँसते हैं। (ध्यानपूर्वक, यों ही, शर्म से)

    ଉତ୍ତର:

    (i) बाबूजी दफ्तर के लिए जल्द निकले।

    (ii) अरबी घोड़े तेज़ दौड़ते हैं।

    (iii) वे जहाँ भी हों, आज आ जायेंगे।

    (iv) लीला को अचानक हँसी आ गई।

    (v) उसने रोते-रोते कहा।

    (vi) ऐसा कब तक चलेगा?

    (vii) मनु पहाड़ पर धीरे-धीरे चढ़ता गया।

    (viii) बेवकूफ लोग यों ही हँसते हैं।

    ପ୍ରଶ୍ନ ୧୫. अव्यय के चार प्रकार हैं। निम्न विकल्पों में से उन्हें छाँटकर लिखिए -

    क्रिया विशेषण, विधेय विशेषण, समुच्चयबोधक, सम्मानबोधक, आदरार्थक, विस्मयादिबोधक, हेतुहेतुमद्भूत, संबंधबोधक

    ଉତ୍ତର: ଦିଆଯାଇଥିବା ବିକଳ୍ପଗୁଡ଼ିକ ମଧ୍ୟରୁ ଅବ୍ୟୟର ଚାରୋଟି ପ୍ରକାର ହେଉଛି:

    1. क्रिया विशेषण

    2. संबंधबोधक

    3. समुच्चयबोधक

    4. विस्मयादिबोधक

    ପ୍ରଶ୍ନ ୧૬. निम्नलिखित समुच्चयबोधक अव्यय लगाकर अलग अलग वाक्य बनाइए -

    और, अथवा, परन्तु, अपितु, इसलिए, ताकि

    ଉତ୍ତର:

  • और ── राम और लक्ष्मण वन गए।
  • अथवा ── तुम चाय पीओगे अथवा कॉफी?
  • परन्तु ── उसने बहुत कोशिश की, परन्तु सफल न हो सका।
  • अपितु ── वह केवल बुद्धिमान ही नहीं, अपितु बहुत दयालु भी है।
  • इसलिए ── आज बहुत तेज बारिश थी, इसलिए मैं स्कूल नहीं जा सका।
  • ताकि ── मन लगाकर पढ़ाई करो, ताकि परीक्षा में अच्छे अंक ला सको।
  • ପ୍ରଶ୍ନ ୧୭. विस्मयादिबोधक अव्ययों से क्या व्यक्त होता है? चार उदाहरण दीजिए।

    ଉତ୍ତର: विस्मयादिबोधक अव्ययों से वक्ता के मन के विभिन्न भाव जैसे - विस्मय (आश्चर्य), हर्ष (खुशी), शोक (दुःख), घृणा, क्रोध, भय, चेतावनी आदि व्यक्त होते हैं।

    चार उदाहरण:

    (१) वाह! कितना सुंदर दृश्य है। (हर्षबोधक)

    (२) हाय! अब मेरा क्या होगा। (शोकबोधक)

    (३) अरे! तुम कब आए? (विस्मयबोधक)

    (४) छिः! यहाँ कितनी गंदगी है। (घृणाबोधक)

    ପ୍ରଶ୍ନ ୧୮. सही अव्यय पद लगाकर वाक्यों को पूर्ण कीजिए -

    (i) तुम रोज पढ़ाई करो ---- परीक्षा में पास हो जाओ। (ताकि, अथवा, अपितु)

    (ii) वह अच्छा खेलता है ------ सभी से झगड़ता है। (एवं, लेकिन, पुनश्च)

    (iii) राम, लक्ष्मण ------ सीता वन में गये। (या, और, किंतु)

    (iv) दशरथ ने ------ प्राण त्यागे। (तड़प-तड़प कर, हँस-हँस कर, मर मर कर)

    (v) हनुमान ------ पहाड़ी पर चढ़ गये। (धम से, मानो, इधर-उधर)

    (vi) धृतराष्ट्र ठीक से चल नहीं पाते थे ------ वे अंधे थे। (ताकि, क्योंकि, हालाँकि)

    (vii) आज बारिश होगी ------ पौधे लगाना। (और, चूँकि, तो, कि)

    (viii) वह ऐसी बातें करता है ------ वह सबका मालिक हो। (मानो, ऊपर, अर्थात्)

    ଉତ୍ତର:

    (i) तुम रोज पढ़ाई करो ताकि परीक्षा में पास हो जाओ।

    (ii) वह अच्छा खेलता है लेकिन सभी से झगड़ता है।

    (iii) राम, लक्ष्मण और सीता वन में गये।

    (iv) दशरथ ने तड़प-तड़प कर प्राण त्यागे।

    (v) हनुमान धम से पहाड़ी पर चढ़ गये।

    (vi) धृतराष्ट्र ठीक से चल नहीं पाते थे क्योंकि वे अंधे थे।

    (vii) आज बारिश होगी तो पौधे लगाना।

    (viii) वह ऐसी बातें करता है मानो वह सबका मालिक हो।

    ପ୍ରଶ୍ନ ୧୯. इन वाक्यों में सही अव्यय का प्रयोग कीजिए।

    (i) हिरन दौड़ता है। (तेज, सहसा, धीरे-धीरे)

    (ii) शेर शिकार पर झपटता है। (धीरे से, अचानक, क्योंकि)

    (iii) हवाई जहाज आसमान में उड़ता है। (फर्राटे से, धीरे से, कदाचित्)

    (iv) पेड़ लगाएँ, जीवन बचाएँ। (तब, और, फिर से)

    (v) उनको दिलका दौरा पड़ा, अस्पताल गए हैं। (जब, इसलिए, अवश्य)

    (vi) यह गाड़ी चार घंटे आयी। (देर से, अधिक, सामने)

    ଉତ୍ତର:

    (i) हिरन तेज दौड़ता है।

    (ii) शेर शिकार पर अचानक झपटता है।

    (iii) हवाई जहाज आसमान में फर्राटे से उड़ता है।

    (iv) पेड़ लगाएँ और जीवन बचाएँ।

    (v) उनको दिलका दौरा पड़ा, इसलिए अस्पताल गए हैं।

    (vi) यह गाड़ी चार घंटे देर से आयी।


    ୪. ବୋର୍ଡ ପରୀକ୍ଷା ମାଷ୍ଟ୍ରି ଟିପ୍ସ ଓ ସାଧାରଣ ଭୁଲ୍ (Board Exam Tips & Pitfalls)


    ୪.୧ ପରୀକ୍ଷା ପାଇଁ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ଟିପ୍ସ (Exam Scoring Secrets):

  • अव्यय की पहचान: परीक्षा में अक्सर वाक्यों से अव्यय शब्द छाँटने और उनके भेद लिखने के लिए कहा जाता है। इसलिए चारों भेदों की परिभाषा और उनके उदाहरणों को अच्छी तरह याद रखें।
  • विभक्ति चिह्नों पर ध्यान दें: संबंधबोधक अव्यय के पहले हमेशा 'के', 'की' या 'से' जैसे विभक्ति चिह्न आते हैं (जैसे - घर 'के' आगे)। इससे संबंधबोधक और क्रिया विशेषण के बीच का अंतर स्पष्ट होता है।
  • विस्मयादिबोधक चिह्न (!): विस्मयादिबोधक अव्यय लिखते समय विस्मयादिबोधक चिह्न (!) लगाना कभी न भूलें। इसके बिना उत्तर अधूरा माना जाता है।
  • ୪.୨ ସାଧାରଣ ଭୁଲ୍ ଓ ସେଗୁଡ଼ିକର ସଂଶୋଧନ (Common Student Errors & Pitfalls):

  • ଭୁଲ୍ ୧: क्रिया विशेषण और विशेषण में भ्रमित होना।
  • स्पष्टीकरण: विशेषण संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है (जैसे - 'मीठा' आम), जबकि क्रिया विशेषण क्रिया की विशेषता बताता है (जैसे - वह 'मीठा' बोलता है)।
  • ଭୁଲ୍ ୨: संबंधबोधक और क्रिया विशेषण में अंतर न कर पाना।
  • उदाहरण: "वह बाहर खड़ा है।" (यहाँ 'बाहर' स्थानवाचक क्रिया विशेषण है)।
  • उदाहरण: "वह घर के बाहर खड़ा है।" (यहाँ 'के बाहर' संबंधबोधक अव्यय है क्योंकि यह 'घर' संज्ञा के साथ संबंध दिखा रहा है)।
  • ଭୁଲ୍ ୩: समुच्चयबोधक अव्यय के स्थान पर संबंधबोधक का प्रयोग करना।
  • सुझाव: योजक शब्दों (और, परन्तु, इसलिए) का प्रयोग दो वाक्यों या शब्दों को जोड़ने के लिए ही करें।
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    (ନୋଟ୍ସ ପ୍ରସ୍ତୁତି: ଉତ୍କଳ ସ୍କିល୍ ସେଣ୍ଟର - BSE Odisha 100% Full Textbook Master Edition)

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